भारत की ख्याति , समृधि , वैभव , संस्कृती , अनेकता में एकता , भाई चारा , एवं प्रगति देख सारा विश्व एक बार तो तारीफ किये बिने नहीं चुकता । इतना ही नहीं लोग उपरी मन से प्रशंसा कर अन्दर ही अन्दर भारत को निचा दिखाने या हानी पहुचने में लगे रहते है । भारत के सभी पडोसी देशो को तो यहाँ की सुख शांति पचती ही नहीं है इसी लिए तो हमेशा इसी प्रयत्न में रहते है की किसी न किसी तरह इसकी शांति ,समृधि ,सुख चैन को ग्रहण लगायें । और इसमें कई बार हम उन्हें मौका दे देते है तो कई बार कुदरत उन्हें मौका दे देती है ।
चीन ,पाकिस्तान , बांग्लादेश को तो भारत की प्रगति कभी भी हजम नहीं होती है , हेडली जैसो को पालकर अमेरिका की भी गिनती इन्ही देशो में हो गई है । इसका फायदा मोदीजी को जरुर उठान चाहिए एक विरोध के रूप में - क्योंकि इसी अमेरिका ने मोदी को उनके देश में आने से रोका था इसका बदला वे पहले हेडली दो फिर भारत आओ ये मांग रखकर कर सकते है इसी बहाने मोदी की छवि भी सुधर जाएगी और अपने अपमान का बदला भी ले लेंगे । इस वर्ष के अंत तक अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा भारत की यात्रा पर आने वाले है और भारत को खुश करने के लिए उन्होंने अपने टाइम टेबल में पाकिस्तान की यात्रा नहीं रखी है जिससे लोग उन्हें अपना सच्चा हितैषी समज़े (भले वो अगले साल पाक की यात्रा कर या थोडा हथियार लादेन के नाम पर दे उन्हें खुश कर देंगे )
वैसे भी बाला साहेब ठाकरे के बाद यदि कोई हिंदूवादी , राष्ट्रप्रेमी नेता यदि कोई है तो वो है मोदीजी एवं वरुण जी और ये वो लोग है जो उत्तर भारत में फिर से जन्म ले रहे आतंकवाद एवं मुग्लिस्तान के नाम पर देश को बाटने वालो को मुहतोड़ जवाब दे सकने का सामर्थ्य रखते है और चीन , पाक और बांग्लादेश जैसे पडोसी दुश्मन देशों और आतंकवादियों को उनकी औकात में रख सकते है क्योंकि इनमे हमें शिवाजी और राणाप्रताप दिखाई देते है । जिनकी एक पुकार पर हम एक बार नहीं अनेको बार शहीद और आजाद की तरह अपने आप को माँ भोम पर कुर्बान कर सकते है । इन्ही की क्षत्र छाया में फिर से भारत को सोने की चिड़िया बना सकते है ।
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Thursday, August 26, 2010
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